पीएम-कुसुम योजना (PM Kusum Yojana 2021)

पीएम-कुसुम योजना (PM Kusum Yojana 2021)

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पीएम-कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) को केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया। पीएम – कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान) योजना को शुरू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य यह है सौर उर्जा को बढ़ावा देना है। इस योजना में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेंगी। कुसुम योजन के लिए राज्य सरकार आवेदन करवाएगी। कुसुम योजना के लिए आप ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अप्लाई कर सकते हैं।

पीएम-कुसुम योजना क्या है?

पीएम कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई योजना है। इस योजना के तहत  केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेगी और किसानों को फायदा पँहुचायेगी। पी-कुसुम योजना के तहत यदि आपके पास बंजर भूमि है एवं साथ ही प्लांट लगाने लायक लागत है तो आप सौर उर्जा से बिजली बनाकर सरकार को बिजली बेच सकते हैं, जिसके तहत राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पर यूनिट के हिसाब से आपको पैसा दिया जायेगा। कुसुम योजना के तहत केंद्र सरकार कुल 34,000 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

यदि आपके पास बंजर भूमि तो है लेकिन लागत लगाने लायक पैसा नहीं है तो आप बैंक से लोन प्राप्त कर सकते हैं अथवा अपनी भूमि को लीज पर देकर भी पैसा कमा सकते हैं 25 साल के लिए होगी। इसके साथ ही सरकार द्वारा किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप लेने के लिए लोन सुविधा अथवा सब्सिड़ी प्रदान की जाएगी। पीएम कुसुम योजना के तहत सरकार किसानो द्वारा सिंचाई में प्रयोग होने वाले पेट्रोल और डीजल से चलने वाले पंप के स्थान पर सौर ऊर्जा पंप लाना चाहती है।

पी-कुसुम योजना का उद्देश्य क्या है?

कुसुम योजना (PM Kumsum Yojana) का मुख्य उद्देश्य सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है। सरकार इस योजना के द्वारा किसानो की आमदनी बढ़ाना चाहती है, साथ ही बंजर भूमि पर सोलर पॉवर प्लांट लगाकर सम्बंधित व्यक्ति को रोजगार देना चाहती है और साथ ही  पेट्रोल और डीजल से चलने वाले उपकरणों को सौर ऊर्जा से चलाना चाहती है। यदि आपके पास बंजर भूमि है तो आप अपना सोलर पावर प्लांट वहां पर लगा सकते हैं अथवा अपनी भूमि को लीज पर देकर भी पैसे कमा सकते हैं। किसान पेट्रोल एवं डीजल से चलने वाले पंपों के स्थान पर सौर ऊर्जा से चलने वाले सोलर पंप इस्तेमाल करेंगे। इस तरह पीएम कुसुम योजन के माध्यम से सरकार किसानों को तो फायदा पहुंचाएगी साथ में देश में सौर ऊर्जा का उत्पादन भी बढ़ेगा।

पीएम कुसुम योजना के मुख्य अंग

पीएम कुसुम योजना के तीन मुख्य अंग हैं जो इस प्रकार हैं –

  1. बंजर भूमि पर स्थापित 10,000 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट लगाकर विकेंद्रीकृत ग्रिडों को नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों (सौर ऊर्जा संयंत्रों) से जोड़ना।
  2. 20 लाख सोलर पंप अर्थात सौर ऊर्जा चालित कृषि पंपों की स्थापना।
  3. पावर ग्रिड से जुड़े लगभग 15 लाख सौर ऊर्जा से चलने वाले कृषि पंपों का सोलरीकरण करना।

पीएम कुसुम योजना के लाभ

  1. सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों की वजह से किसानों को ग्रिड पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
  2. सरकार को किसानों को विद्युत आपूर्ति के लिए सब्सिडी नहीं देनी पड़ेगी।
  3. सोलर प्लांट लगाने से किसानों को अपनी बिजली की खपत पूरी करने के बाद बिजली बेचने से भी लाभ होगा।
  4. बंजर भूमि का सौर ऊर्जा बनाने में उपयोग किया जाएगा।
  5. सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों के माध्यम से पेट्रोल और डीजल से होने वाले प्रदूषण से राहत मिलेगी।
  6. खुद का प्लांट लगाने से अपनी जमीन को लीज पर देने से किसानों की आय में वृद्धि होगी।
  7. बंजर भूमि पर सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा, जिससे विद्युत का उत्पादन किया जाएगा, विद्युत उत्पादन होने से प्लांट लगाने वाले को 24 घंटे बिजली मिलेगी तथा साथ ही एक्स्ट्रा बिजली बनने पर उसी को बेचा जाएगा जिससे प्लांट लगाने वाले को लाभ होगा।
  8. प्लांट लगाने के लिए भूमि लीज पर भी दी जा सकती है जिसका लाभ भूमिस्वामी को लीज रेंट के रूप में मिलेगा।
  9. योजना के तहत कम लागत पर किसानों को सोलर पंप वितरित किए जाएंगे।

पीएम कुसुम योजना के लिए आवेदन करने के लिए पात्रता

  • आवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक के पास प्लांट लगाने लायक प्रयाप्त भूमि होनी चाहिए।
  • यदि आवेदक के पास अपनी भूमि नहीं है, तो वह किसी से भूमि लीज पर ले सकता है जिसके लिए भूमि स्वामी के साथ लीज पेपर तैयार करने होंगे।

पी एम कुसुम योजना के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज

  • आवेदक का आधार कार्ड
  • आवेदक का राशन कार्ड
  • बैंक खाता डिटेल
  • मोबाइल नंबर
  • नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
  • रजिस्ट्रेशन की कॉपी
  • ऑथराइजेशन लेटर
  • जमीन की लीज की कॉपी
  • चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा जारी नेटवर्थ सर्टिफिकेट (यदि आप विकासकर्ता के माध्यम से प्रोजेक्ट विकसित कर रहे हों)

पी एम कुसुम योजन आवेदन शुल्क

यदि आप पीएम कुसुम योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो आपको पर मेगावाट के हिसाब से आवेदन शुल्क देना होगा जो की डिमांड ड्राफ्ट के रूप में देय  होगा।

क्र. स. मेगावाट आवेदन शुल्क
1. 2 मेगावाट ₹10000 + GST
2. 1.5 मेगावाट ₹7500 + GST
3. 1 मेगावाट ₹5000 + GST
4. 0.5 मेगावाट ₹2500 + GST

 पी एम कुसुम योजना से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट

  • पी एम कुसुम योजना के तहत सौर उर्जा प्लांट की कुल लागत का 30% राशि केंद्र सरकार देगी, 30% राशि राज्य सरकार देगी एवं इसके अलावा 30% राशि लोन के रूप में नाबार्ड या अन्य बैंक द्वारा दिया जायेगा।
  • प्लांट लगाने वाले व्यक्ति को केवल 10% राशि ही देनी पड़ेगी।
  • बंजर भूमि का उपयोग प्लांट लगाकर बिजली बनाने में किया जाएगा।
  • बिजली को किसान द्वारा उपयोग करने के पश्चात अतिरिक्त यूनिट को ग्रिड पर भेज दिया जाएगा जिससे प्लांट लगाने वाले किसान को आर्थिक लाभ होगा।
  • आवेदक के पास आवेदन करते समय बैंक अकाउंट होना आवश्यक है तथा अकाउंट आधार कार्ड के साथ लिंक होना आवश्यक है।
  • किसान द्वारा जिस बिजली को ग्रिड को बेचा जाएगा उससे मिलने वाले धनराशि को दो भागों में बांटा जाएगा एक भाग से बैंक का लोन जाएगा तथा दूसरा भाग किसान को दिया जाएगा।
  • कुसुम योजना के तहत 0.5 मेगा वाट से 2 मेगावाट तक के सोलर पंप जी किसानों को वितरित किए जाएंगे।

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राजस्थान कुसुम योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

  • वेबसाइट के होम पेज पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के विकल्प करना होगा।
  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा जिसमें रजिस्ट्रेशन फॉर्म होगा।
  • रजिस्ट्रेशन फॉर्म में पूछी गई जानकारी जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, बैंक डिटेल आदि की जानकारी सही-सही भरनी है।

  • जानकारी भरने के बाद सबमिट के बटन पर क्लिक करना जिस तरह आप का आवेदन फॉर्म सबमिट हो जाएगा अब विभाग द्वारा लाभार्थियों का चयन किया जाएगा जिसके पश्चात आपको योजना का लाभ मिलेगा।

राजस्थान कुसुम योजना में आवेदन की सूची कैसे देखें?

  • राजस्थान कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए चयनित लाभार्थियों का नाम देखने के लिए सबसे पहले आपको योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा।
  • ऑफिशियल वेबसाइट के होम पेज पर कुसुम योजना के लिए पंजीकृत आवेदनों की सूची के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • विकल्प पर क्लिक करते ही आपके सामने एक नया पेज खुलकर आएगा जिसमें आवेदकों की सूची दिखाई देगी।

राजस्थान पी एम कुसुम योजना में किसान द्वारा प्रोजेक्ट लगाने पर वित्तीय संसाधनों का कुल अनुमान

  1. किसान द्वारा सौर उर्जा प्लांट लगाने पर

सौर उर्जा प्लांट की क्षमता 1 मेगावाट
सौर उर्जा प्लांट की आयु 25 साल
अनुमानित खर्च ₹3.5 से ₹4.0 करोड़ / मेगावाट
अनुमानित वार्षिक विद्युत यूनिट उत्पादन 17 लाख यूनिट लगभग
अनुमानित पर यूनिट रेट्स ₹3.10 – ₹3.50 (राज्य सरकार द्वारा निर्धारित)
अनुमानित कुल प्रतिवर्ष खर्च ₹5 लाख लगभग
अनुमानित कुल प्रतिवर्ष आय ₹53 लाख लगभग
अनुमानित कुल प्रतिवर्ष लाभ ₹48 लाख लगभग
प्लांट की कुल आय (25 साल में) ₹12 करोड़ लगभग
  1. किसान द्वारा भूमि लीज (किराये) पर देने पर

भूमि की आवश्यकता / मेगावाट 2 हेक्टयेर लगभग
अनुमानित वार्षिक विद्युत यूनिट उत्पादन / मेगावाट लगभग 17 लाख यूनिट
अनुमानित लीज का रेंट (लीज रेंट के अनुमानित पर 10 पैसे – 20 / यूनिट) ₹1.7 से ₹3.4 लाख लगभग

राजस्थान पी एम कुसुम योजना के मुख्य डाउनलोड

पी एम कुसुम योजना टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-3333

MNRE आधिकारिक वेबसाइट www.mnre.gov.in

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