नई शिक्षा नीति 2020 (New Education Policy 2020)

नई शिक्षा नीति 2020 (New Education Policy 2020)

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नई शिक्षा नीति 2020 (New Education Policy) को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मानिनीय प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में अप अपनी स्मंवीकृति दे दी है। जिसको नयी शिक्षा नीति 2020 (New Education Policy 2020) कहा गया है। सरकार के द्वारा मौजूदा शिक्षा से संबंधी नीतियों में कई आवश्यक बदलाव किये गए हैं एवं नयी नियमावली और नीतियां लायी गई हैं। 

नई शिक्षा नीति 2020 क्या है?

देश के विकास में वहां की शिक्षा का बहुत योगदान होता है जाति, व्यक्ति विशेष और समुदाय अपनी मौजूदा स्तिथि को सुधारने के लिए शिक्षा बहुत ही आवश्यक है। आज हर देश अपने आप को दूसरे से बेहतर साबित करने में लगा है तथा अपने देशवासियों को सुदृढ़ और मजबूत आर्थिक और मानसिक स्थिति प्रदान करना चाहता है। हम सभी जानते हैं शिक्षा हर किसी के लिए आवश्यक तथा जिस देश की शिक्षा संबंधी नीतियां जितनी अच्छी होंगी वहां के नागरिक उतनी ही अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और देश तरक्की कर सकेगा। कोई भी देश, देश तब बनता है जब वहां नागरिक हूं और वहां के नागरिकों के शिक्षित और समझदार होने से देश को आंतरिक सुदृढ़ता प्राप्त होती है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए एमएचआरडी ने देश की मौजूदा शिक्षा नीतियों को देखते हुए उनमें काफी नए बदलाव किए हैं तथा देश को नई शिक्षा नीति 2020 (New Education Policy 2020) के रूप में एक सौगात दी है।

सन 1986 में भारत में शिक्षा संबंधी नीतियों अर्थात शिक्षा नीति को लागू किया गया था तथा 1992 में इन शिक्षा नीतियों में आवश्यक और जरूरी बदलाव किए गए तब से लेकर अब तक शिक्षा संबंधी नीतियों में सरकार द्वारा कोई भी बदलाव नहीं किया गया था। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा सरकार ने शिक्षा पर ध्यान देते हुए शिक्षा से संबंधित नीतियों को बदला है और आप सबके सामने नई शिक्षा नीति 2020 (New Education Policy 2020) प्रस्तुत किया गया। 

पुरानी शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए तथा मौजूदा समाज की आवश्यकताओं को देखते हुए इसरो के पूर्व प्रमुख कस्तूरीरंगन जी को नई शिक्षा नीति का समिति का अध्यक्ष बनाया गया, उन्होंने सभी मुख्य बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए अपनी रिपोर्ट बनाई और सरकार के सामने पेश करी जिसे सरकार द्वारा मंजूरी दे दी गई।

नई शिक्षा नीति 2020 (New Education Policy 2020) के प्रमुख पॉइंट्स क्या हैं?

1. नई शिक्षा नीति 2020 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय अर्थात MHRD का नाम बदल कर अब शिक्षा मंत्रालय (Education Ministry) कर दिया जाएगा।

2. शिक्षा पर कुल खर्च किया जाने वाला वार्षिक बजट पहले के मुकाबले बढ़ा दिया गया है पहले देश की जीडीपी का 4.43% शिक्षा पर खर्च किया जाता था, अब इस बजट को बढ़ाकर अब 6 % कर दिया गया है।

3. पहले प्रारंभिक शिक्षा में 10 + 2 सिस्टम चलाया जाता था, नई शिक्षा नीति 2020 में नया सिस्टम 5 + 3 + 3 + 4 का ढांचा प्रस्तुत किया गया है। जिसके तहत पहले 5 में तीन से आठ साल तक के बच्चों को प्रारंभिक से लेकर कक्षा 2 तक की शिक्षा, उसके बाद अगले 3 में आठ से ग्यारह साल कक्षा 3 – कक्षा 5 तक की शिक्षा, उसके बाद अगले 3 में ग्यारह से चौदह साल अर्थात कक्षा 6 – कक्षा 8 तक की शिक्षा और अंतिम 4 साल में चौदह से अठारह साल के बच्चों को कक्षा 9 – कक्षा 12 तक की शिक्षा दी जाएगी। इस तरह 5 + 3 + 3 + 4 का सिस्टम बनाया गया है।

4. नई शिक्षा नीति 2020 में भाषा अर्थात जिस भाषा में विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है इस पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत कक्षा 5 तक बच्चों को मातृभाषा अथवा स्थानीय भाषा या अन्य कोई क्षेत्रीय भाषा को पढ़ाई का माध्यम चुना जाएगा। इसके बाद आगे की क्लासेज में आवश्यकता अनुसार भाषा का मीडियम चुना जाएगा। राष्ट्रीय भाषा को प्राथमिक भाषा का दर्जा दिया जाएगा।
किसी भी विदेशी भाषा को द्वितीयक भाषा बनाया जायेगा। और साथ ही विद्यार्थियोंपर किसी भी भाषा को थोपा नहीं जायेगा।

5. शिक्षा के प्रारंभिक 3 वर्षों को प्री प्राइमरी शिक्षा के अंतर्गत रखा जाएगा, जिसके बाद कक्षा 1 शुरू होगी तथा आगे 12वीं तक जाएगी। परीक्षाएं सभी कक्षाओं में ना होकर केवल तीसरी में होगी, उसके पश्चात पांचवी में, उसके पश्चात आठवीं में होगी। बोर्ड की परीक्षाओं में कोई भी परिवर्तन नहीं किया गया है यानी कि 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षाएं पूर्ववत होती रहेंगी।

6. नई शिक्षा नीति 2020 के तहत सिखाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिसमें पढ़ने लिखने में संख्या संबंधी या बुनियादी शिक्षा तथा योग्यता को मजबूत बनाया जाएगा। 8 वर्ष तक के बच्चों के लिए एक अलग पाठ्यक्रम का ढांचा विकसित किया जाएगा, जिसके तहत उनकी बुनियादी शिक्षा को और मजबूत बनाया जाएगा।

7. शिक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए एक उच्च शिक्षा आयोग का गठन किया जाएगा यह शिक्षा आयोग एकल निकाय के रूप में काम करेगा केवल लॉ तथा मेडिकल की शिक्षा इस आयोग के तहत नहीं आएगी।

8. उच्च शिक्षा में पहली बार मल्टीपल टाइम एंट्री और मल्टीपल टाइम एग्जिट सिस्टम लागू किया जा रहा है अर्थात यदि कोई छात्र किसी कारणवश बीच में शिक्षा छोड़कर जाना चाहता है तो उसे 1 साल बाद उसको उसका सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा यदि 2 साल बाद हो जाता है तो उसे कोर्स का डिप्लोमा दिया जाएगा यदि 3 साल बाद वहां छोड़कर जाता है तो उसे डिग्री दी जाएगी।

9. उच्च शिक्षा में दो अलग प्रावधान दिए गए। जिसके तहत रिसर्च को अलग कर दिया गया है अर्थात यदि कोई छात्र नौकरी करना चाहता है तो वह 3 साल की डिग्री करने के बाद अपनी पढ़ाई पूरी कर कर सकता है और यदि कोई रिसर्च करना चाहता है तो उसे 4 साल की डिग्री करनी होगी जिसके बाद 1 साल की मास्टर डिग्री के साथ वह सीधे पीएचडी में एडमिशन ले सकते हैं, PhD करने के लिए एम फिल (M. Phil ) करने की जरूरत नहीं है।

10. एक उच्च स्तरीय नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की जाएगी। जिसका कार्य मजबूत रिसर्च संबंधी वातावरण बनाना है अर्थात रिसर्च एवं अनुसंधान पर विशेष रूप से ध्यान रहेगा।

11. मौजूदा शिक्षा की गुणवत्ता को और सुधारा जाएगा, जिसके लिए एक राष्ट्रीय शैक्षिक टेक्नोलॉजी फोरम की स्थापना की जाएगी। इस फोरम का कार्य इ – पाठ्यक्रमों को क्षेत्रीय भाषाओं में बनाना है तथा साथ ही वर्चुअल लैब भी विकसित करनी है।

12. मौजूदा महामारी को देखते हुए सरकार ने इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया कि शिक्षा के ऑनलाइन शुरू को और बेहतर और सुदृढ़ किया जाएगा तथा साथ ही डिजिटल एजुकेशन और डिजिटल कंटेंट में सुधार लाया जाएगा।

13. भाषा एवं गणित पर शुरुआती कक्षाओं में विशेष रुप से ध्यान दिया जाएगा कक्षा 4 और 5 में कौशल कार्यों पर लेखन संबंधी कार्यों पर एक विशेष तौर पर ध्यान दिया जाएगा।

14. पाठ्यक्रम में संगीत नृत्य रंगमंच कला दर्शन आदि को शामिल किया जाएगा।

15. एक एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट की स्थापना की जाएगी जिसमें छात्रों की परफॉर्मेंस का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा।

16. 2030 तक लगभग देश के सभी जनपदों में कम से कम एक मल्टी सब्जेक्ट इंस्टिट्यूट की स्थापना की जाएगी और 2040 तक सभी उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों को भी मल्टी सब्जेक्ट इंस्टिट्यूशन बना दिया जाएगा और 2050 तक स्कूली शिक्षा के माध्यम से लगभग 50 छात्रों को मौजूदा व्यवसाय संबंधी शिक्षा दी जाएगी।

17. ऑनलाइन पाठ्यक्रम और डिस्टेंस लर्निंग को शिक्षण संस्थाओं में एक विकल्प के तौर पर तैयार किया जाएगा।

18. शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी तथा टेक्नॉलॉजी के प्रयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

19. उच्च शिक्षण संस्थान प्रवेश पाने के लिए एक परीक्षा कराई जाएगी जिसको कॉमन एंट्रेंस एग्जाम के नाम से जाना जाएगा।

20. इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा कि छात्रों के माता-पिता को जागरूक किया जाए क्योंकि एक जागरूक परिवार से उत्कृष्ट छात्र निकलते हैं।

नई शिक्षा नीति 2020 की सम्पूर्ण विस्तृत जानकारी के लिए आप निम्न लिंक के जरिये MHRD द्वारा प्रस्तुत PDF पढ़ सकते है।

  • नई शिक्षा नीति 2020 official Doccument (PDF in Eng) Click Here
  • नई शिक्षा नीति 2020 official Doccument (PDF in Hindi) Click Here

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